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KV Pattom (S-1) E-Magazine 2021-'22

by KV Pattom

Pages 2 and 3 of 285

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Message
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I am delighted to know that Kendriya Vidyalaya Pattom Shift 1 bringing out its e-magazine for the academic year 2021-22.
The school magazine provides a perfect platform for the budding talents to express their views and ideas. It is the niche of the future artist, writers, editors and designers.
As we continue to serve the interest our stakeholders at equipoise in the 'new normal,' the magazine acts as perfect platform for the students to showcase their talents. The contents of the magazine reflect the wonderful creativity of thoughts and imagination of our budding talents. I am quite sure that the e-magazine would provide a myriad of experience for its readers.

The efforts of the editorial board are praise worthy for working incessantly to make the magazine a memorable one.

 I congratulate all the stakeholders for going an extra mile and adding charm to this magazine by their valuable contribution.
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S. Ajayakumar
Principal, KV Pattom
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04
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 संपादकीय
Comic Panel 1
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43
Comic Panel 1
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Comic Panel 1
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Comic Panel 1
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Comic Panel 1
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18
Comic Panel 1
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केंद्रीय विद्यालय पट्टम की ई-पत्रिका हम सहर्ष आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। कोविड महामारी निश्चय ही इस सदी की सबसे अनोखी घटना है| समाज पर इसका बहुआयामी प्रभाव रहा है |इसने चेतना के स्तर पर मानव को प्रभावित किया है| मनुष्य अपने अस्तित्व पर ही पुनः विचार करने को विवश हो गया है | इस विशाल प्रकृति में वह कितना अकिंचन है, इसका अनुभव करा दिया है| लेकिन इतिहास साक्षी है कि मनुष्य की जिजीविषा ने हमेशा ही विकट परिस्थितियों से संघर्ष करके विजय प्राप्त की है|अत: समय के चलते निश्चय ही हम इस विकट परिस्थिति से जूझकर आगे बढ़ते जाएँगे । इस दौरान हम विद्यालय स्तर पर छात्रों के दृष्टिकोण से सोचें तो उनके ऊपर भी इस महामारी का चहुँमुखी प्रभाव रहा है ।“चिंता रहित खेलना खाना, वह फिरना निर्भय स्वच्छंद” सा उनका  बचपन  तो बुरी तरह प्रभावित हो गया है ।इस महामारी ने एक तरह उनके पंख ही काट दिए हैं। लेकिन अपनी कल्पना के पंख पसार कर उड़ने से उन्हें कोई महामारी रोक नहीं सकती। बच्चे अपनी भोली दुनिया की अनोखी कल्पनाओं से हमेशा ही बड़ों को चकित करते आए हैं ।ऐसी ही विकट परिस्थितियों में अज्ञातवास में  कैद रहने के लिए विवश एन फ्रैंक ने अपनी डायरी से पूरे विश्व को ही चमत्कृत एवं सम्मोहित कर दिया था। इस ई-पत्रिका के द्वारा हमारा  विनम्र प्रयास छात्रों के अंदर इस  महामारी के चतुर्मुखी प्रभाव को उनके दृष्टिकोण से देखना है,  उनको अभिव्यक्ति का एक माध्यम प्रदान करना है , उनकी दुनिया को टटोल कर देखना है,  जिनसे हम बड़े कभी अनभिज्ञ रहते हैं ।उम्मीद है आप उनके सृजन संसार से गुज़रेंगे और अपने विचारों से हमें लाभान्वित करेंगे ।


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संपादकीय समिति